जाट राजवंश, महाराजा सूरजमल, मुस्लिम राजवंश (jat rajvansh, maharaja surajamal, musilam rajvansh)

जाट राजवंश (jat rajvansh) राजस्थान के पूर्वांचल में स्थित भरतपुर एवं धौलपुर रियासतों में । स्वतंत्रता से पूर्व जाट राजवंश का साम्राज्य रहा है । औरंगजेब से पूर्व भरतपुर , डीग एवं धौलपुर के निकट जाट । करवा सरदारों की लघु रियासतें थीं । औरंगजेब की मृत्यु के पश्चात् जाट सरदार चूडामन ने ‘ धून का …

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भाटी राजवंश, यादव राजवंश (bhati rajvansh, yadav rajvansh)

भाटी राजवंश (bhati rajvansh) चन्द्रवंशी यादव सरदार भट्टी ने 285 ई . में भटनेर ( वर्तमान हनुमानगढ़ ) में भाटी राजवंश साम्राज्य स्थापित करके दुर्ग बनवाया , उसके वंशज ‘ भाटी ‘ कहलाये । भट्टी का पुत्र मंगलराय एक युद्ध में गजनी के शासक ढुण्डी से पराजित हो गया । अतः उसने भटनेर का क्षेत्र छोड़कर …

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कोटा के हाड़ा चौहान, राव भावसिंह हाड़ा, राव माधोसिंह, राव जगतसिंह (kota ke hadha chohan, rav bhavsingh hadha, rav madhosingh, rav jagatsingh)

कोटा के हाड़ा चौहान (kota ke hadha chohan) सर्वप्रथम बूंदी के शासक जैत्रसिंह हाड़ा ने 1274 ई . में कोटिया भील को परास्त करके कोटा साम्राज्य को बूंदी में मिलाया । कोटा के हाड़ा चौहान के शासक राव रतनसिंह के पुत्र माधोसिंह द्वारा स्वतंत्र कोटा राज्य की स्थापना की गई । 1.बूंदी के हाड़ा चौहान, राव …

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बूंदी के हाड़ा चौहान, राव सुरजन हाड़ा, राव भोज, राव रतन, राव शत्रुशाल हाड़ा (bundi ke hadha chohan, rav surajana hadha, rav bhoj, rav ratan, rav shatrushala hadha)

बूंदी के हाड़ा चौहान (bundi ke hadha chohan) साम्राज्य बूंदी के हाड़ा चौहान का संस्थापक देवा ( देवसिंह ) माना जाता है । देवा नाडोल शाखा के चौहानों का वंशज एवं मेवाड़ के बम्बावदा गाँव का सामंत था , जिसने 1241 ई . में मीणाओं को पराजित करके बूंदी में हाड़ा साम्राज्य की शुरुआत की । …

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सवाई जगतसिंह, रामसिंह द्वितीय, महाराजा माधोसिंह द्वितीय, महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय (savai jagatsingh, ramsingh divtiya, maharaja madhosingh divtiya, maharaja savai mansingh divtiya)

सवाई जगतसिंह (savai jagatsingh) (1804 – 1818 ई.) जगतसिंह के शासनकाल में उदयपुर महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णा कुमारी को लेकर जयपुर व जोधपुर के अलवर मध्य गींगोली का युद्ध ( 1807 ई . ) हुआ जिसमें जयपुर की सेना विजयी रही । मराठों व पिण्डारियों के आक्रमण से परेशान होकर 1818 को ईस्ट इण्डिया कम्पनी …

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वीर कल्लाजी, कल्ला राठौड़, हड़बू जी (veer kallaji, kalla rathor, harabu ji)

वीर कल्लाजी ( कल्ला राठौड़ ) (veer kallaji, kalla rathor) ‘ कीरत कल्ला राव री , हेलो कोस हजार । बाँह पकड़ बैठा करें, देखो कर पुकार । । चार हाथों वाले लोकदेवता कल्ला राठौड़ मीरा बाई के भतीजे थे । इनका जन्म मेड़ता परगने के शासक राव जयमल राठौड़ के छोटे भाई आससिंह के यहाँ …

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राजस्थान के लोकवदेता, रामदेवजी (rajasthan ke lockvadevta, ramdevji)

रामदेवजी (ramdevji) राजस्थान के सर्वप्रिय लोकवदेता रामदेवजी को रामसापीर ‘ ‘ रूणेचा के धणी ‘ व ‘ बाबा रामदेव ‘ के नाम से सम्पूर्ण राजस्थान , उत्तर गुजरात , मध्यप्रदेश , पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं पश्चिमी हरियाणा में अथाह आस्था के साथ पूजा जाता है । रामदेवजी के पिता अजमाल जी तँवर ( राजपूत ) रूणेचा …

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महानायक पाबूजी (mahanayak pabuji)

महानायक पाबूजी (pabuji) पश्चिमी राजस्थान के महानायक पाबूजी एवं वीर योद्धाओं में लोक देवता पाबूजी का नाम अग्रणी है । राठौड़ वंश के मूल पुरुष राव सीहा के वंशज पाबू राठौड़ का जन्म 13वीं सदी में कोलूमण(वर्तमान में जोधपुर जिले की फलौदी तहसील का एक गाँव ) में धांधलजी राठौड़ एवं कमलादे के घर हुआ था …

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साँपों के देवता गोगाजी (sapo ke devta goga ji)

गोगाजी (goga ji) ‘ गाँव – गाँव में खेजड़ी , अर् गाँव गाँव में गोगो । ‘ साँपों के देवता ‘ गोगाजी का थान ( चबूतरा ) राजस्थान के अधिकांश गाँवों में खेजड़ी के वृक्ष के नीचे देखने को मिलता है । गोगा जी चौहान का जन्म चूरू जिले के ददरेवा ‘ नामक गाँव में जेवरसिंह …

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जाट लोकदेवता तेजाजी (jaat lockdevta tejaji)

लोकदेवता तेजाजी (lockdevta tejaji) राजस्थान में जाट समुदाय के आराध्य लोकदेवता तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खड़नाल गाँव में हुआ था । इनकी माता का नाम राजकुंवर एवं पिता का नाम ताहड़ जी जाट था । तेजाजी ने लाछा गुजरी की गायों को मेरों से छुड़वाते । हुए अपने प्राणोत्सर्ग कर दिये । साँप या …

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