पश्चिमी राजस्थान में गरीबी शमन परियोजना, सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम, paschimi rajasthan garibi shaman pariyojana, simavarti chetar vikas karyakram

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पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना, paschimi rajasthan garibi shaman pariyojana

पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना
पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना

(एमपावर) जोधपुर संभाग के 6 जिलों में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) की सहायता से पश्चिमी राजस्थान गरीबी शमन परियोजना (MPOWER) स्वीकृति की गई है राजस्थान के जोधपुर संभाग के बायतु (बाड़मेर), सांकड़ा (जैसलमेर), बाप (जोधपुर), सांचौर (जालौर), बाली (पाली), आबूरोड (सिरोही) पंचायत समितियों में गरीबी शमन परियोजना संचालित की गई है

1.राजस्थान में रेल परिवहन (rajasthan me rel privahan)

योजना के उद्देश्य

गरीब परिवारों के स्थाई आजीविका के अवसरों को सर्जन करना तथा गरीब परिवारों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो सके अकाल की संभावनाओं को कम करना एवं जल सुरक्षा मुहैया करना आय में वृर्दी एवं रोजगार सर्जन बाजार की आवश्यकता अनुसार उत्पादकता में सुधार महिलाओं पिछड़ो एवं निराश्रित जनों को मुख्यधारा में लाने हेतु उनका सशक्तिकरण करना है

पश्चिमी राजस्थान में गरीबी शमन परियोजना के लाभ,
paschimi rajasthan garibi shaman pariyojana ke labh

आजीविका गतिविधियों के साथ -साथ सामुदायिक आधारभूत विकास सूखे के प्रभाव को कम करना

एवं प्रचलित आजीविका कौशल को सुरक्षित करना उत्पादकता में वृद्धि करने के उद्देश्य में मेड़-बन्दी ,खेत तलाई ,मृदा -सुधार हेतु गतिविधियां करना उधानिकी ,कुओ का निर्माण ,चारागाह विकास ,चारे के प्रसंस्करण एवं भंडारण की व्यवस्था करना

उत्पादकता एवं विपणन व्यवस्था हेतु सी.एफ.सी.(common facility center) निर्माण आदि कार्य हेतु किया जाएगा

योजना की पात्रता

गरीब परिवार( बी.पी.एल) सूची अनुसार तथा परियोजना क्षेत्र के ऐसे निर्धन परिवार जो बी.पी.एल सूची में से वंचित रह गए तथा जिनकी पहचान कर ,परियोजना में जोड़ना

1.कंदरा सुधार कार्यक्रम, मरू विकास कार्यक्रम, मरू गोचर योजना

2.kandara sudhar karyakram, maru vikash karyakram, maru gochar yojana

सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम, simavarti chetar vikas karyakram (बी.ए.डी.पी)

देश की गरीब 1070 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर राजस्थान के बाड़मेर ,जैसलमेर ,बीकानेर एवं गंगानगर जिला विकासखंड-गढरारोड़ ,रामसर, चौहटन, धनाऊ, जैसलमेर, सम, कोलायत ,खाजूवाला ,करणपुर, गंगानगर पदमपुर, गंगानगर ,अनूपगढ़ में भारत सरकार द्वारा एक विशेष कार्यक्रम के रूप में सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) वर्ष 1993-94 से लागू किया गया

सहरिया एवं कथौड़ी जनजाति रोजगार योजना (sahriya avam kathodhi janjati rojagar yojana)

सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम का उद्देश्य :-

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र में दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की विशिष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति करवाना

सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लाभ :-

भारत सरकार द्वारा राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा की लंबाई विकास खंड की जनसंख्या एवं विकास खंड के क्षेत्रफल के आधार पर दी जाती है राजस्थान स्तर पर लिए गए निर्णय अनुसार कुल प्राप्त होने वाली राशि मे से 30% राशि बाड़मेर, जैसलमेर जिलों को 25% राशि बीकानेर जिले को 15% श्री गंगानगर जिले को आवंटित की जाती है सामाजिक सेक्टर, शिक्षा ,स्वास्थ्य ,कृषि एवं संबंधित कार्य करवाना सुरक्षा संबंधित कार्य कराए जा सकते है

लेकिन आवंटन का अधिकतम 10% क्षेत्र में उपयोग किया जा सकता है

पीने का पानी ,एप्रोच रोड, प्रशासनिक भवन, सड़क एवं पुलिया इत्यादि समस्त मूलभूत अवसरचना के कार्यों पर 60% से अधिक राशि वह नहीं की जा सकती हैं

कुल आवंटन की 5% राशि क्षमता संवर्धन एवं प्रशिक्षण पर व्यय की जाएगी

वार्षिक आवंटन की 15% राशि रख रखाव पर व्यय की जा सकती हैं

कार्यों का संपादन राजस्थान /केंद्रीय/ पैरा -मिलिट्री/ संस्थाएं /पंचायती राज संस्थाएं/ जिला काउंनसिल /स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किया जा सकता है

1.हमारी बेटी एक्सप्रेस, मुख्यमंत्री बीपीएल जीवन रक्षा कोष योजना

1.mukhyamantri bi.pi.al jivan raksha kosh yojana, hamari beti axpress

2.जनजाति कल्याण कार्यक्रम (janjati kalyan karyakram)

3.जननी एक्सप्रेस योजना, मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना (janani express, mukhyamantri shubh lakshmi yojana)


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