महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना, पूरक पोषाहार कार्यक्रम, mahila evam bal vikas vibhag ki yojana, purak poshahar karyakram

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महिला बाल विकास योजना, mahila evam bal vikas vibhag ki yojana

महिला बाल विकास योजनाएँ
महिला बाल विकास योजनाएँ

समेकित महिला बाल विकास योजना  (आई.सी.डी.एस) – राष्ट्रीय बाल नीति – 1974 के प्रस्तावों के अनुसार राजस्थान के बच्चों एवं महिलाओं ,विशेष रूप से गर्भवती एवं दूध पिलाती  माताओं को बेहतर जीवन की आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने के क्रम में समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम 2 अक्टूबर 1975 से प्रारंभ हुआ

स्वावलंबन योजना (svavlamban yojna)

कलेवा योजना, सामूहिक विवाह अनुदान योजना (kaleva yojna, samuhik vivah anudan yojna)

योजना के उद्देश्य

0-6 वर्ष की आयु -वर्ग के बच्चों में गर्भवती धात्री महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार लाना बच्चों के उचित मनोवैज्ञानिक शारीरिक व सामाजिक विकास हेतु आधार तैयार करना मातृ एवं मृत्यु दर बाल ,मृत्यु दर ,रुग्णता, कुपोषण ,के बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की दर में कमी बाल विकास को प्रोत्साहन देने हेतु संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय करना पोषाहार और स्वास्थ्य शिक्षा द्वारा बच्चों के सामान्य स्वास्थ्य और पोषाहार संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए माताओं को प्रशिक्षण देना

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (beti bchavo beti padhavo)

सुकन्या समृद्धि योजना (suknya samrdhi yojna)

पूरक पोषाहार कार्यक्रम, purak poshahar karyakram

आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 0-3 वर्ष के पंजीकृत बच्चों को 125 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से 6 दिन का 750 ग्राम पोषाहार प्रति सप्ताह द्वारा उपलब्ध गर्भवती धात्री महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को 155 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से 6 दिन का 930 ग्राम पोषाहार प्रति सप्ताह दिया जाता है 3-6 वर्ष के पंजीकृत बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करना

वजन दिवस मनाया जाकर 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन करना तथा निर्धारित मापदंड से कम वजन के बच्चों को पोषण की सलाह प्रदान करना मातृ – शिशु एवं स्वास्थ्य दिवस का आयोजन करना किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा एवं सलाह प्रदान करना

फोलिक एसिड, आयरन की गोलियों का नि:शुल्क वितरण तथा विटामिन – ए की खुराक तथा शिशु को पेट के कीड़े मारने की दवा पिलाना 0-6 वर्ष के बच्चे गर्भवती तथा धात्री महिलाओं का टीकाकरण स्वास्थ्य जांच एवं संदर्भ (रेफरल) सेवाएं

योजना की पात्रता

0- 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे एवं गर्भवती एवं धात्री महिलाएं/ किशोरी बालिकाएं

1.राजस्थान में सहकारिता आंदोलन (rajasthan me sahakarita aandolan)


2.राजस्थान में ऊर्जा संसाधन – पवन ऊर्जा (pawan urja), अक्षय ऊर्जा (akshay urja), सौर ऊर्जा (soar urja)(rajasthan me urja sansadhan)


3.राजस्थान में मिट्टी अपरदन की समस्या(rajasthan me miti apardan ki samsya)


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