राजस्थान के उद्योग(rajasthan ke uddhog) – विभाग(vibhag), निगम(nigam), कंपनी(campani)

Spread the love

– राजस्थान के उद्योग को निम्न भागों में विभाजित(rajasthan ke uddhog ko nimn bhago me vibhajit) :-

राजस्थान के उद्योग
राजस्थान के उद्योग

 (1.) सार्वजनिक उपक्रम – वह उपकरण जिन पर संपूर्ण स्वामित्व सरकारी क्षेत्र का ही होता है राजस्थान के उद्योग को तीन भागों में बांटा जा सकता है | 

1.  विभाग  2. निगम 3. कंपनी

(1.) विभाग(vibhag) -राज्य सरकार के विभागीय उपक्रम है |

–  राजस्थान के उद्योगों सोडियम सल्फेट बकर्स,  डीडवाना – इसकी स्थापना 1964 में की गई यह उपकरण घाटे में होने के कारण वर्तमान समय में बंद पड़ा है |

–  राजस्थान नमक वर्क्स , डीडवाना – इसे सन् 1960 में विभागीय उपकरण के रूप में स्थापितकिया गया सन 2000 में राज्य सरकार ने इसे लीज पर दे दिया है |

–   नमक वकर्स ,पचपदरा- इस उपकर्म को 1992 में लीज पर दे दिया गया है |

राजस्थान में औद्योगिक विकास(rajasthan me odhogik vikas)

(2) निगम(nigam)

-राजस्थान में निगम के अंतर्गत निम्न उपकरण आते हैं

-राज्य पथ परिवहन निगम- राज्य के नागरिकों को आवागमन की सुविधा के लिए 1964में स्थापित किया गया इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है |

–   राजस्थान वित्त – निगम उद्योगों को वित्त सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 1955 में स्थापित किया गया – इसका मुख्यालय जयपुर में है |

–  राजस्थान आवासन मंण्डल – राजस्थान में लोगों को आवासीय सुविधा पूरी करने के लिए 1970 में स्थापित का मुख्यालय जयपुर में उपस्थित हैं |

–   राजस्थान भूमि विकास निगम – राजस्थान के भूमि एवं जल संसाधन के अनुकूल उपयोग एवं विकास कार्यों हेतु 1975 में स्थापित किया गया है “मुख्यालय- जयपुर” |

–  राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड-राजस्थान में कृषि विपणन एवं मंण्डियाँ स्थापित करने एवं उनका संचालन करने तथा मंण्डी सड़कों के निर्माण हेतु 1974 में गठित किया गया इसका मुख्यालय जयपुर में उपस्थित हैं

–  राजस्थान राज्य भंडारण निगम- इसे राजस्थान के कृषकों को कृषि आदान एवं उपजाऊ के भंडारण की सुविधागोदाम भंडाराग्रह आदि उपलब्ध कराने हेतु 1957 में जयपुर मेंस्थापित किया गया है

–  राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम- राजस्थान में गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के विकास एवं विद्युतउत्पादन परियोजनाएं स्थापित करने हेतु 9 अगस्त 2003 को स्थापितकिया गया|

राजस्थान में बायोगैस ऊर्जा संसाधनों का विकास(rajasthan me bayoges urja sansadhano ka vikash) – बायोमास ऊर्जा(bayomas urja), ऊर्जा : शेष – विशेष(urja: sesh – visesh)

(3) कंपनी(campani)

कंपनीअधिनियम के अंतर्गत राजस्थान में स्थापित केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के उपकरण|

1.राजस्थान में ऊर्जा संसाधन – पवन ऊर्जा (pawan urja), अक्षय ऊर्जा (akshay urja), सौर ऊर्जा (soar urja)(rajasthan me urja sansadhan)


2.राजस्थान में ऊर्जा संसाधनों का विकास – ताप विद्युत, आणविक विद्युत(rajasthan me urja sansadhno ka vikash – thap vidyut, aanvik vidyut)


3.राजस्थान के जलवायु प्रदेश – शुष्क जलवायु, अर्ध शुष्क जलवायु, आर्द्र जलवायु (rajasthan ke jalvayu pradesh – shushk jalvayu, ardh shushk jalvayu, aaddhra jalvayu) — Sticky


Leave a Comment